वाक्य किसे कहते हैं ? अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद । vakya ke kitne bhed hote hain ।

वाक्य किसे कहते हैं ? वाक्य के भेद ।  वाक्य की परिभाषा । vakya ke kitne bhed hote hain। 

वाक्य किसे कहते हैं  या sentence kise kahate hain  के बारे में जानने की से पहले आपको शब्द क्या है के बारे में जानना होगा क्योंकि वाक्य और शब्द हिंदी व्याकरण में एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।


हिंदी व्याकरण में वाक्य का अहम भूमिका है इसलिए हम वाक्य किसे कहते हैं के बारे में अब जानेंगे। 

वाक्य किसे कहते हैं  या वाक्य की परिभाषा । vakya kya hota hai

शब्दों के सार्थक समूह या शब्दों के व्यवस्थित रूप को वह वाक्या कहते हैं साधारण शब्दों में शब्दों के जोड़ को ही वाक्या कहते हैं।  जैसे  -

• मोहन किताब पढ़ रहा है।
• गीता रंगोली बना रही है।
• बच्चे क्रिकेट खेल रहे हैं।
• मेज पर किताब रखी हुई है।
• आज स्वतंत्रता दिवस है।
• घोड़ा सबसे तेज दौड़ता है।
• मां खाना बना रही होगी।

ऊपर लिखे हुए को पढ़कर आपने यह जाना की वाक्य  क्या है ? या वाक्य किसे कहते हैं वाक्य की परिभाषा ।  vakya kya hota hai ? तो अब चलिए जानते हैं कि वाक्य के कितने अंग होते हैं।

वाक्य के दो अंग होते हैं -

• उद्देश्य
• विधेय 

• उद्देश्य क्या है या उद्देश्य किसे कहते हैं ?

वाक्य में जिसके बारे में जो कुछ भी कहा जाए या कहा जाता है वह उद्देश्य कहलाता है जैसे

• मोहन ने खाना खाया।
• चिड़िया आकाश में उड़ती है।

यहाँ मोहन और चिड़िया के बारे में कुछ कहा गया है यहाँ मोहन और चिड़िया उद्देश्य है किसी वाक्य का उद्देश्य कर्ता होता है क्योंकि वह कर्ता द्वारा किया जाता है। 

• विधेय क्या है या विधेय किसे कहते हैं ?

वाक्य में उद्देश्य के बारे में जो कुछ भी कहा जाए वह विधेय कहलाता है ऊपर लिखे गए वाक्य में मोहन के द्वारा खाना खाया गया। यानी कि मोहन ने खाना खाने का काम किया। उसी तरह चिड़िया के द्वारा उड़ने का काम किया गया।

हमने वाक्य के अंग उद्देश्य क्या है तथा विधेय क्या है के बारे में तो जान लिया तो चलिए जानते हैं वाक्य के कितने प्रकार होते हैं 

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अर्थ के आधार पर वाक्य के प्रकार या भेद । arth ke aadhar par vakya bhed । vakya ke kitne bhed hote hain ।

1. इच्छा वाचक वाक्य
2. संकेतवाचक वाक्य
3. प्रश्नवाचक वाक्य
4.  निषेधवाचक वाक्य
5. संदेह वाचक वाक्य
6. आज्ञा वाचक वाक्य
7. विधान वाचक वाक्य
8. विस्मयबोधक वाचक वाक्य

तो चलिए जानते हैं इन सभी वाक्य का परिभाषा

1. इच्छा वाचक वाक्य - जिस वाक्य में इच्छा या आशीर्वाद के भाव होने का पता चले वह इच्छा वाचक वाक्य कहलाता है जैसे

• हमेशा सुखी रहो।
• तुम्हारा भला हो।
• तुम्हारी यात्रा मंगल हो ।

2. संकेतवाचक वाक्य - जिस वाक्य में संकेत होने का पता चले उसे संकेतवाचक वाक्य कहते हैं जैसे -

• मोहन परिश्रम करेगा तो वर्ग में प्रथम आएगा
• अगर तुम खाना खाओगे तो मैं भी खाऊंगा।

3. प्रश्नवाचक वाक्य - जिस वाक्य से हमें प्रश्न पूछने का ज्ञात हो या पता चले उसे प्रश्नवाचक वाक्य कहा जाता है। जैसे

• क्या मोहन स्कूल जाएगा?
• स्वतंत्रता दिवस कब मनाई जाती है?
• मेज पर पेन किसने रखा?
• गंगा नदी कहां से निकलती है?

4.  निषेधवाचक वाक्य - वह वाक्य जिसमें न होने या न करने का पता चले वह निषेधवाचक वाक्य क्या कहलाता है। जैसे -

• कल विद्यालय नहीं जाऊंगी।
• मोहन ने मुरली नहीं बजाया।
• आज रोटी नहीं बन पाई है।
• अभी घर साफ नहीं हुआ है।

5.  संदेह वाचक वाक्य - वह वाक्य जिसमें संदेश या संभावना हो वह संदेह वाचक वाक्य कहलाता है। जैसे -

• शायद कल स्कूल बंद रहेगी।
• हो सकता है साइकिल का टायर पर छेद हो गया होगा।
• मोहन ने मक्खन खाया होगी।
• कृष्णा मुरली बजाता होगा।


6.  आज्ञा वाचक वाक्य - जिस वाक्य में आज्ञा होने या आज्ञा देने का बोध हो वह आज्ञा वाचक वाक्य कहलाता है। जैसे -

• मोहन रोटी बनाओ।
• गीता विद्यालय जाओ
• रोहन बाजार से सब्जी लेकर आओ।
• सीता तुम यहीं बैठी रहो।

7.  विधानवाचक वाक्य - जिस वाक्य से किसी काम करने या बात होने का पता चलता है वह विधानवाचक वाक्य कहलाता है। जैसे -

• माधुरी गीत गाती है।
• चिड़िया उड़ती है।
• रूहान ने फुटबॉल खेला।
• सीता विद्यालय जा रही है।

8.  विस्मय वाचक वाक्य - वह वाक्य जिसमें हर्ष , आश्चर्यच , शोक , घृणा आदि का पता चले उसे विस्मय वाचक वाक्य कहते हैं । जैसे -

• हाय ! मेरा सामान चोरी हो गया।
• शाबाश ! तुमने परीक्षा में पास किया।


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